एक हलकी झिझक आँखों में जैसे शर्म सी होती है
सांसों में आहें, दिल मे हलकी बेचैनी होती है
आज भी तेरे नाम के ज़िक्र पर आँखें हलकी नम होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
वो छत पे वो खिड़की पर बिना काम के बार बार आना
किसी बहाने से आके एक टूक तुझे देख जाना
पुरानी तस्वीर तेरी देख शर्म से गाल पे लाली होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
वो क्लास में चोरी छुपे तुझे देखना
देखते हुए पकडे जाने पर इधर उधर मुंह फेरना
वो स्कूल कॉरिडोर में तुझे देख रास्ता बदल देना
इन बातों को याद कर चेहरे पर आज भी मीठी हसीं होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
वो तेरा फ़ोन नंबर पता करने के लिए कई पापड बेलना
तेरी गली के पास आना और तुझे आते देख दूर भाग जाना
बचपन याद कर आज भी धड़कन तेज होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
इस रिश्ते का आज कोई नाम ना सही पहचान ना सही
पर अक्सर बेनाम रिश्तों की उम्र बहुत लम्बी होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
ना कहा था तब तुझसे कुछ
ना कह पाऊंगा आज भी तुझसे कुछ
कुछ बातें सिर्फ एहसासों से ही बयान होती है
पुराने इश्क की बात ही कुछ और होती है
सांसों में आहें, दिल मे हलकी बेचैनी होती है
आज भी तेरे नाम के ज़िक्र पर आँखें हलकी नम होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
वो छत पे वो खिड़की पर बिना काम के बार बार आना
किसी बहाने से आके एक टूक तुझे देख जाना
पुरानी तस्वीर तेरी देख शर्म से गाल पे लाली होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
वो क्लास में चोरी छुपे तुझे देखना
देखते हुए पकडे जाने पर इधर उधर मुंह फेरना
वो स्कूल कॉरिडोर में तुझे देख रास्ता बदल देना
इन बातों को याद कर चेहरे पर आज भी मीठी हसीं होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
वो तेरा फ़ोन नंबर पता करने के लिए कई पापड बेलना
तेरी गली के पास आना और तुझे आते देख दूर भाग जाना
बचपन याद कर आज भी धड़कन तेज होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
इस रिश्ते का आज कोई नाम ना सही पहचान ना सही
पर अक्सर बेनाम रिश्तों की उम्र बहुत लम्बी होती है
पुराने इश्क़ की बात ही कुछ और होती है
ना कहा था तब तुझसे कुछ
ना कह पाऊंगा आज भी तुझसे कुछ
कुछ बातें सिर्फ एहसासों से ही बयान होती है
पुराने इश्क की बात ही कुछ और होती है
No comments:
Post a Comment